Haryana to become the country's next manufacturing powerhouse, a

हरियाणा बनेगा देश का अगला मैन्युफैक्चरिंग पावरहाऊस, उद्योग और MSME सेक्टर के लिए टर्निंग प्वाइंट

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Haryana to become the country's next manufacturing powerhouse, a

 

केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट 2026 में उद्योग और एमएसएमई सेक्टर के लिए की गई घोषणाएं हरियाणा की औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकती हैं।
10,000 करोड़ रुपये का MSME ग्रोथ फंड, सरकारी खरीद में MSME की भागीदारी बढ़ाने का फैसला, टेक्सटाइल सेक्टर के लिए नई योजनाएं और माइक्रो इंटरप्राइजेज को लिक्विडिटी सपोर्ट जैसे कदम राज्य के छोटे, मझोले और उभरते उद्योगों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं।

हरियाणा पहले से ही ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, आईटी, लॉजिस्टिक्स और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति रखता है। अब बजट प्रावधानों से गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल, रोहतक और अंबाला जैसे औद्योगिक क्लस्टर्स में निवेश, उत्पादन और रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है।


MSME ग्रोथ फंड से मिलेगी विस्तार की ताकत

बजट में 10,000 करोड़ रुपये के MSME ग्रोथ फंड की घोषणा की गई है, जिसमें 30 प्रतिशत का इजाफा किया गया है। यह फंड उन MSME इकाइयों पर केंद्रित होगा जो

  • विस्तार करना चाहती हैं

  • नई तकनीक अपनाना चाहती हैं

  • या वैश्विक बाजार में कदम रखना चाहती हैं

हरियाणा के MSME सेक्टर की सबसे बड़ी समस्या लंबे समय से वर्किंग कैपिटल की कमी, महंगा कर्ज और बैंक गारंटी की जटिल शर्तें रही हैं। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, यह ग्रोथ फंड माइक्रो और स्मॉल यूनिट्स को मीडियम लेवल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और हरियाणा देश का अगला मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस बन सकता है।


सरकारी खरीद में MSME की हिस्सेदारी बढ़ेगी

बजट में MSME से सरकारी खरीद बढ़ाने का साफ संकेत दिया गया है। इसका सीधा लाभ हरियाणा की हजारों इकाइयों को मिलेगा, जो अब तक बड़े कॉर्पोरेट्स से प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाती थीं।
ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग गुड्स, टेक्सटाइल, पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी MSME इकाइयों को स्थिर ऑर्डर बुक मिलेगी, जिससे नकदी प्रवाह और उत्पादन क्षमता दोनों में सुधार होगा।


टेक्सटाइल सेक्टर को नई उड़ान, पानीपत होगा सबसे बड़ा लाभार्थी

बजट में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए

  • नेशनल फाइबर स्कीम

  • मैन-मेड फाइबर स्कीम

  • एडवांस्ड फाइबर स्कीम

जैसी तीन बड़ी योजनाओं का ऐलान किया गया है। साथ ही नेशनल हैंडलूम पॉलिसी के जरिए बुनकरों और कारीगरों को वित्तीय सहायता देने की घोषणा की गई है।
हरियाणा का पानीपत टेक्सटाइल हब—जो हैंडलूम, होम फर्निशिंग और एक्सपोर्ट के लिए जाना जाता है—इन योजनाओं से सबसे अधिक लाभान्वित होगा।


इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड से बढ़ेगा निजी निवेश

बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की घोषणा की गई है, जिसमें सरकार निजी निवेशकों को आंशिक गारंटी देगी। इससे

  • इंडस्ट्रियल पार्क

  • लॉजिस्टिक्स हब

  • वेयरहाउस

  • टाउनशिप प्रोजेक्ट्स

को गति मिलेगी। IMT खरखौदा, कुंडली‑मानेसर‑पलवल बेल्ट और फरीदाबाद-गुरुग्राम क्षेत्र में नए प्रोजेक्ट्स की संभावना बढ़ गई है।


माइक्रो इंटरप्राइजेज को लिक्विडिटी सपोर्ट

बजट में सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड, क्रेडिट गारंटी सपोर्ट, ट्रांजैक्शन सेटलमेंट प्रोग्राम और GeM प्लेटफॉर्म से जोड़ने जैसे कदम माइक्रो कारोबारियों के लिए बड़ी राहत हैं। इससे हरियाणा के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में फूड प्रोसेसिंग, फर्नीचर, प्लास्टिक और सर्विस सेक्टर की हजारों यूनिट्स मजबूत होंगी।


स्किलिंग और भविष्य की इंडस्ट्री पर फोकस

टियर-2 और टियर-3 शहरों में शॉर्ट-टर्म मॉड्यूलर कोर्स, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए 40,000 करोड़ और बायोफार्मा इनिशिएटिव से हरियाणा के टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। इससे युवाओं को हाई-स्किल जॉब्स मिलेंगी और माइग्रेशन भी घटेगा।


हरियाणा में जिन परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार

  • दिल्ली-गुरुग्राम-फरीदाबाद RRTS

  • IMT खरखौदा का विस्तार

  • ईवी पार्क

  • इंडस्ट्रियल कॉरिडोर